पूर्णिया जिले के कसबा क्षेत्र में मक्का आधारित फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। जिले में मक्का के बंपर उत्पादन को देखते हुए प्रशासन ने कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निवेशकों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस (एसडब्ल्यूसी) प्रणाली को सक्रिय कर दिया है। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जिला प्रशासन के अनुसार, पूर्णिया में पिछले कुछ वर्षों में मक्का उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र मक्का आधारित उद्योगों के लिए आदर्श केंद्र बन गया है। कसबा क्षेत्र में प्रस्तावित फूड प्रोसेसिंग इकाइयों में मक्का से स्टार्च, ग्लूकोज, पशु आहार और अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के तहत निवेशकों को विभिन्न विभागों से अनुमति और लाइसेंस के लिए अलग-अलग चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से सभी आवश्यक स्वीकृतियां एक ही स्थान पर समन्वित रूप से प्रदान की जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया से निवेशकों का समय और धन दोनों की बचत होगी तथा उद्योग स्थापित करने में पारदर्शिता आएगी।
स्थानीय किसानों और उद्यमियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि मक्का की खपत स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित होने से परिवहन लागत में कमी आएगी और उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिल सकेंगे। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, पूर्णिया की जलवायु और मिट्टी मक्का उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त है, और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से मूल्य श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।
जिला प्रशासन ने निवेशकों से आगे आकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। जल्द ही एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें इच्छुक उद्यमियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। इस पहल से पूर्णिया को कृषि आधारित औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।