पूर्णिया जिले में धान अधिप्राप्ति के दौरान किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सहकारिता विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने जिले के सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) और धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर लगी तौल मशीनों और नमी मापक यंत्रों का औचक सत्यापन अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों के धान का सही वजन हो और नमी की मात्रा का सटीक मापन हो, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कटौती का सामना न करना पड़े।
जिला सहकारिता पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीमों ने अधिप्राप्ति केंद्रों पर अचानक छापेमारी करते हुए तौल मशीनों के वजन की जांच की। टीम ने मानक बाटों से मशीनों की सटीकता परखी और नमी मापक यंत्रों के रीडिंग की क्रॉस-चेकिंग की। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी केंद्र पर मानक से विचलन पाए जाने पर संबंधित पैक्स प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम किसानों के बीच व्याप्त उस आशंका को दूर करने के लिए उठाया गया है, जिसमें उन्हें अक्सर तौल में गड़बड़ी और नमी के गलत मापन की शिकायत रहती है।
सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान अधिप्राप्ति के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी पैक्सों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तौल और नमी मापन के दौरान किसानों को पूरी प्रक्रिया देखने की अनुमति दें। इसके अलावा, प्रत्येक केंद्र पर एक शिकायत पंजिका भी रखी गई है, जिसमें किसान अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अधिप्राप्ति के समय अपनी फसल का वजन और नमी की रीडिंग अवश्य जांच लें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारी को सूचित करें।
इस सत्यापन अभियान से जिले के किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्षों में कई बार तौल मशीनों में गड़बड़ी के कारण उन्हें कम मूल्य मिला था, लेकिन इस बार विभाग की सक्रियता से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। स्थानीय किसान नेता ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों पर लगाम लगेगी। उन्होंने मांग की कि इस तरह के सत्यापन अभियान समय-समय पर चलते रहने चाहिए।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि धान अधिप्राप्ति के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सहकारिता विभाग की टीमें आगामी दिनों में भी औचक निरीक्षण जारी रखेंगी। अधिकारियों ने बताया कि सभी पैक्सों को निर्देश दिया गया है कि वे तौल मशीनों और नमी मापक यंत्रों का नियमित रूप से रखरखाव कराएं और उनके सत्यापन प्रमाण पत्र केंद्रों पर प्रदर्शित करें। इस पहल से पूर्णिया जिले में धान अधिप्राप्ति का कार्य सुचारु रूप से चलने और किसानों को उनका हक मिलने की उम्मीद है।